लेज़र से बाल हटाना

लेज़र से बाल हटाना

बाल हटाने के लिए सबसे प्रभारी एवं नयी तकनीक है लेज़र तकनीक | इससे स्थाई तौर पर अनचाहे बाल हटाए जा सकते हैं |
विदेशों में यह तकनीक बहुत जायदा उपयोग की जाती है | यह बालों को रोम के अंदर से जड़ समेत नष्ट कर देता है , जिस कारण बाल दोबारा जल्दी नहीं आते | इस तकनीक से आप हाथ , पैर चहरे बाजु और अन्य सभी क्षेत्रों से अनचाहे बाल हटा सकते हैं |

इसके कुछ लाभ निचे लिखे हैं –

१. सफाई से काम – कोई भी बाल त्वचा पर नहीं रह सकता | हर छोटे बड़े बाल को चुनकर निकला जा सकता है | त्वचा पर कोई भी निशान या बालों की जेड बाकि नहीं बचती |

२. तीव्र गति – बालों को हटने की गति बाकि सब तकनीकों से तीव्र होती है | पुरे शरीर के बॉल एक घंटे से भी कम समय में हटाए जा सकते हैं | छोटे सथानो जैसे चहरे से चार मिनट से भी कम समय में बाल हटाए जा सकते हैं | बड़े स्थानों पर जायदा समय लग सकता है |

३. स्थाई उपचार –
दो या तीन बार लेज़र से बाल हटाने के बाद बाल स्थाई तौर पर आने बंद हो जाते हैं |

लेज़र तकनीक से बालों को हटाने की तयारी –

यह एक चिकत्सक पद्धति है | इससे केवल शिक्षित और अनुभवी चित्सक ही उपयोग कर सकता है | अगर कोई बिना अनुभव एवं जानकारी के इसके उपयोग करेगा तो सम्भवता कई किसम के खतरे पैदा हो सकते हैं | इसीलिए आपको और आपके चित्सक को जरूरी है की इस पर्किर्या को अच्छी तरह से समझ लिया जाये , या की बाद में कोई समस्या न हो |

अगर आप लेज़र टेक्नीक्स इ बाल हटाने की योजना बना रहरहू तो आपको कम से कम डेड महीना पहले सब तरह की बाल उतरने की तकनीकों को बंद कर देना चाइये |

लेज़र तकनीक में बालों को जड़ से ख़त्म किया जाता है | अगर आप बाकि तकनीकों को बंद नहीं करोगे तो वह सामान्य तौर पर बालो की जड़े कुछ हद तक खतम क्र देती हैं , जिस कारन लेज़र उपचार प्रभावी नहीं होगा |
इतने समय तक ही आपको सूरज की सीधी रौशनी से बचना है , क्यूंकि सूरज की रौशनी से भी बालों की जड़ों पर प्रभाव पड़ता है | लेज़र उपचार से बालोंको हटयने के लिए आपको बालों की जड़ों का पूरा ध्यान रखना है | जड़ से ऊपर तक बाल पूरी तरह से अवशेषित होगा तभी लेज़र तकनीक प्रभावी तरिके से कमाकर पायेगी |

पर्किर्या – सबसे पहले आपका चित्सक लेज़र को आपकी चमड़ी के रंग , बालों की मोटई और बाकि चीजों से साथ अनुकूलित करेगा | उसे बाद आपकी त्वचा पर एक जेल (दवा) लगये जाएगी ता की लेज़र के प्रकाश को आपकी चमड़ी में अंदर जाने में मदद कर सके | उसकेबाद आपकी और चित्सक की आँखों पर सुरक्षा उपकरण लगाकर उपचार शुरू किया जायेगा |

आपको ठंडा रखे के लिए ठंडा पानी जा बर्फ दी जा सकती है | चित्सक यह भी ध्यान रखेगा की बाल अच्छी तरह से निकले जा रहे है जा नहीं | इस पर्किर्या को आप ६ हफ़्तों बाद दुबारा करवा सकते हो | तब तक करवा सकते जो जब तक आपके बाल आने स्थाई तौर पर बंद न हो जाएँ |

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